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July 19, 2018

વર્તમાનમાં રહેલો નજીકનો ફાયદો જોતા પહેલા ભવિષ્યમાં પડેલા દૂરના નુકશાનને જોવુ જોઈયે..

By Jigar Shyamlan ||  Written on 5 April 2018



આજે સોશિયલ મીડિયા ફેસબુક અને વોટ્સએપ્પ પર બાબા સાહેબના વિચારોનો ફેલાવો જોઈને મન પ્રસન્ન બની જાય છે. દિલમાં એક હાશકારો થાય છે કે આંબેડકરવાદ હજી જીવંત છે, અને વધુને વધુ ફેલાઈ રહ્યો છે.

પણ..!!! બીજી જ ક્ષણે મનમાં એક વિચાર ઘેરી વળે છે, અને મુંઝવણ વધારી દે છે.

શું આજના સોશિયલ મીડિયામાં પ્રસરી રહેલ અને મિનીટે મિનીટ ફોરવર્ડ થઈ રહેલ આંબેડકરવાદ એ ખરેખર બાબા સાહેબને વાંચીને, સમજીને વ્યક્તિના અંતર થી પ્રગટ થયેલ આંબેડકરવાદ છે કે કોઈના ઉધાર લીધેલા વિચારોમાંથી પેદા થયેલ ક્ષણીક રેડીમેઈડ આંબેડકરવાદ..????

કારણ બાબા સાહેબને વાંચ્યા વગર, સમજ્યા વગર પોતાના અંતર મનથી પેદા થયેલ આંબેડકરવાદને બદલે કોઈ બીજાના વિચારોને ઉધાર લઈને અપનાવેલ રેડીમેઈડ આંબેડકરવાદ ખતરનાક સિધ્ધ થશે.

મિત્રો... ગણીતનો ભારેખમ દાખલો કે સવાલ સોલ્વ કરવા માટે ગાણિતીય સુત્રો અને રીતને વાંચવી, સમજવી ખુબ જ જરૂરી છે. પણ મોટા ભાગે શું કરવામા આવે છે..???

આ કવાયત કર્યા વગર ગાણિતીય સુત્રો અને રીતને સમજ્યા તેની પર ગણતરી કર્યા વગર છેલ્લે પાને આપેલ જવાબ જોઈને સવાલ કે દાખલો સોલ્વ કરી દેવાની મોટા ભાગનાને ટેવ હોય છે. આવા રેડીમેઈડ જવાબ અને ઉકેલ મળવાને કારણે દાખલા કે સવાલને ઉકેલવાની રીતમાં બહુ રસ લેતા નથી.

એક વાત ખાસ યાદ રાખવા જેવી છે કે જવાબ કે ઉકેલ મહત્વનો નથી. મહત્વ એ વાતનું છે કે તમે કઈ રીત અને ક્યા સુત્રથી જવાબ લાવો છો. કારણ યોગ્ય રીત કે સુત્ર વગરના જવાબની કિંમત શૂન્ય છે.

આ રેડીમેઈડ જવાબ જોઈ લેવાની આપણી વૃત્તિ આપણને સવાલ પર વિચાર કરી વિચારવાની પ્રક્રિયાથી સાવ દુર રાખે છે.

આપણે ખરેખર બાબા સાહેબના મેસેજ ફોરવર્ડ કરતા પહેલા કે જયભીમ બોલતા પહેલા આપણે દિલ પર હાથ મુકીને અંતર મનને પુછવું જોઈયે કે આપણો આંબેડકરવાદ બાબા સાહેબને વાંચી, સમજીને પેદા થયેલ આંબેડકરવાદ છે કે કોક બીજાના વિચારો કે ફોરવર્ડ કરાયેલ મેસેજોમાંથી ઉધાર લીધેલ રેડીમેઈડ આંબેડકરવાદ.

કોક દિવસ અંતર મનને પુછી જો જો. કારણ વર્તમાનમાં રહેલો નજીકનો ફાયદો જોતા પહેલા ભવિષ્યમાં પડેલા દૂરના નુકશાનને જોવુ જોઈયે..
જય ભીમ
- જિગર શ્યામલન

April 17, 2018

पुराणो मे क्षत्रीयो और ब्राह्मणो के बीच की लडाई : राजा वेन की कहानी

By Social Media Desk




आप को तो सिर्फ परशुराम और क्षत्रीयो की ही कहानी पता है, पर ब्राह्मणो और क्षत्रीयों के बीच मे ऐसी लडाईयों का बहोत सा वर्णन वेदो और पुराणो मे पाया जाता है, इस मे से एक बताता हु.

एक महा प्रतापी राजा वेन नाम का राजा हुआ, उसने अपने राज्य का सर्वे सर्वा अपने आप को घोषीत कर दिया और यग्न और अन्य धार्मीक परंपराओ को त्याग दिया. ब्राह्मणो ने बाद मे उस राजा को समजाया पर वो नही समजा तो उसे हराकर मार दिया और उस के पुत्र पृथु को राजा बनाआ. पृथु ने अपने पीता की मोत का बदला लेने की जगह ब्राह्मणो का भक्त बनकर राज किया.

- ये सब वर्णन "हरिवंश पुराण" के प्रथम अध्याय मे है. ब्राह्मणो के इतने अंधे भक्त ये लोग हो चुके थे की अपने पुरखो की मौत का बदला लेने कि सोच तो न रख पाते पर उनको ही पुजते चले गए.

इस प्रकार की बहोत सी बाते क्षत्रीयो और ब्राह्मणो के बीच के मुद्दो को पुराणो मे सामेल किया गया है ताकी मानसीक गुलामी कभी कम न हो. पर आज इस आधुनीक युग मे भी अगर ब्राह्मण अपनी श्रेष्ठता को मनवाने के लिए क्षत्रीयों को अछुतो और शुद्रो के बीच लडा रहा हो तब क्षत्रीयों को ये सब चालबाजी समज लेनी चाहिए और धार्मीक किताबो मे लिखा गया गुलामी का इतिहास समजकर समजदारी से काम लेना चाहिए. आज क्षत्रीयों का हिस्सा भी SC ST OBC नही ब्राह्मण खा रहा है. दिमाग को खोलकर हमे साथ अगर नही भी दे सकते तो रास्ते मे रोडा मत डालो. आप के हिस्से की भी लडाई लडी जा रही है.


(This Story also narrated By Dr Ambedkar , Volume 3, CHAPTER 15 , Brahmins Versus Kshatriyas )

October 25, 2017

"यु ट्यूब" मे अपना चेनल कैसे बनाये (Basic)

By Vishal Sonara || 25 Oct 2017 

अपने के एंड्रोईड फोन मे युट्युब पर विडीयो सब ने देखा ही होगा. उसी एप मे से हमे विडीयो अपलोड करना है.
- स्टेप 1 मे युट्युब का आईकोन दिखाया है उस आईकोन से युट्युब एप खुलती है. ज्यादातर फोन मे मेनु मे गुगल का एक अलग फोल्डर होगा उसी मे ये एप मील जायेगी.
- स्टेप 2 लाल बोक्ष मे दिखाये गये आईकोन से विडीयो अपलोड हो सकेगा. उस पर क्लीक करने के बाद फोन मे सेव कोइ भी विडीयो को सीलेक्ट कर ले. आप कोइ फंक्शन मे गये हो या किसी कि स्पीच अच्छी लगी हो उसे फोन से ही रेकोर्ड कर ले. ज्यादा लंबी होती है तो हम वोट्सप पर नही भेज पाते तो ऐसे लंबे विडीयो को युट्युब पर अपलोड करके लींक शेर करने से हम ज्यादा लोगो तक उसे पहुंचा पायेगे.
- स्टेप 3 बोक्ष मे दिखाये गये स्थान पर हमे विडीयो कीस बात का है उस की थोडी डीटेल लीखनी है, टाईटल मे शोर्ट लीखाना है उसे देख कर लोगो को विडीयो देखने का मन हो और उतना पढ के हि लोग विडीयो किस बात का है वह जान सके इस प्रकार ईसे सीलेक्ट करे, नीचे वाले स्थान पर लंबा डीस्क्रीप्शन लीख सकते है. बाद मे उसी स्क्रीन पर राईड साईड वाला एरो > दीख रहा है उस को क्लीक करने पर हमारा विडीयो अपलोड होने लगेगा.
- स्टेप 4 मे हमने अपलोड किया हुआ विडीयो कितने परसेंट अपलोड हुआ वो दीख रहा है.
इस प्रकार से एक एक विडीयो अपलोड कर के कमेंट बोक्ष मे उस का लींक रख दे. और उस मे क्या क्या तकलीफ आती है वह भी पुछ ले. मे उस को सोल्व करने की कोशीश करुगा.
ये शुरुआती आज्माईश है. इतना करने के बाद युट्युब कि दुनीया मे हम आगे बढेंगे.

- विशाल सोनारा


October 02, 2017

#मन_की_गंदगी : गांधी जयंती पर जातिवाद के खिलाफ पर ट्वीटर पर फुंटा मुळनीवासी/बहुजनो का गुस्सा

By Social Media Desk






बहुजन समाज के लोग पुछ रहे है की आज गांधी जयंती पर हर कोइ गांधीजयंती को मनाने का दिखावा कर रहा है. साशक वर्ग स्वच्छता अभीयान चला रहा है पर क्या ये अभीयान लोगो के दिमाग की जातिवादि गंदगी को मीटा पायेगा??? बहोत बडी बडी बाते देश आजाद हुआ तब से सब सुनते आये है पर साशक कोम के लोग क्या कभी ऐसा चाहेगे की देश मे से कभी जातीवाद खत्म हो???

इन सब नफरत भरे भाव को पालने वालो को बहुजन समाज द्वारा दिमाग की गंदगी नाम दीया गया है. बहोत देश की गंदगी साफ करने का और फोटो शुट कराने के नाटक से अब जातिवाद से ग्रसीत लोग थक चुके है उन्हे जातिवाद मुक्त स्वच्छ भारत चाहिये सीर्फ फैसबुक और ट्वीटर पर फोटो डालने के लिए कीया जा रहा जुठा स्वच्छता अभीयान नही अब दिमागी स्वच्छता अभीयान इस देश मे जरुरी है. 

देखते ही देखते 1000 से अधीक ट्वीट्स ट्वीटर पर आ चुकी है. ये लीखा जा रहा है उस वख्त भी लोग इसी गंदगी पर ट्वीट कर के देश के कुछ लोगो की जातिवादी मानसीकता पर ट्वीट कर रहे है नीचे हम वह ट्वीट्स के लींक दे रहे है. आप भी #मन_की_गंदगी के साथ अपने विचार रख सकते है. आप की ट्वीट भी इसी समाचार पर दीखने लगेगी. इस मुहिम से अब लगता है कि देश के लोग जागृत हो रहे है. अपने साथ हो रहे अन्याय के खीलाफ जमकर मुह खोल रहे है. जातिवाद कर रहे लोगो के दिमागी हालत को भीमराव आंबेडकर ने एक मानसीक रोग बोला है. इसी रोग के खीलाफ हर एक सच्चे देशवासीको खडा होना पडेगा. आप चाहे कीसी भी पार्टी या किसी भी विचारधारा को मान रहे हो पर जातिवाद से देश का कितना नुकसान हो रहा है ये तो आप को समजना ही होगा. 



नीचे ट्वीट्स दीये गये है जो लोगो ने ट्वीटर पर इस जातिवादी गंदगी के खिलाफ किये है. आप भी इस मे हिस्सा ले सकते है.



September 29, 2017

ट्वीटर सेशन - 2

By Vishal Sonara || 29 Sep 2017 


ट्वीटर का पहला सेशन यहा पढें. ः ट्वीटर किस चिड़िया का नाम है


#TwitterSession - 2

ज्यादातर लोगो का ट्वीटर एकाउंट अब बन चुका है,. बहोत से लोग ट्वीट भी अच्छे खासे कर लेते है. शानदार बना दीया है ट्वीटर एक्ष्पीरीयंस आप सब लोगो ने. आज थोडा और समजते है ट्वीटर को.

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ट्वीटर पर फोलोवर्स होना बहोत जरुरी है, हांलाकी ना हो तो भी ज्यादा नीराश होने की जरुरत तो नही है. एक दौर था जब हमे 20-25 फोलोवर्स होते थे तब हम अपने आप को खुशनसीब समजने लगते थे. और इतने फोलोवर्स भी बहोत दीनो के बाद होते थे. आज ऐसा समय है हमारा की अगर नया ट्वीटर एकाउंट भी बना ले तो 30-40 फोलोवर्स तो ऐसे ही हो जाते है. कुछ लोग तो थोडे ही दिनो मे 100-200 से पार हो चुके है.

- ट्वीटर पर Widespread इस्युस को प्राथमीकता मीलती है. ज्यादा लोगो तक ज्यादा ट्वीट और कम समय ये तीन चीझो का सही मेल आप के सब्जेक्ट को और महत्व देता है. और हमारा भी उद्देश्य देश और SC ST OBC और Minorities के लोगो से जुडे हुए मुद्दो पर लोगो को जागृत करना है इस के लीए हमे भी हमारे मुद्दो को Widespread बनाना बेहद जरुरी है.

- इस के लीए हमे एक सशक्त टीम बनानी होगी, जीसका काम चालु है बहोत जल्द हम इस को बनाने मे कामीयाब हो जायेगे. किसी भी सगठन से जुडा हुआ व्यक्ती और डॉ. आंबेडकर कि विचारधारा वाला हर कोइ व्यक्ती हम से जुड सकता है. इस विषय पर ज्यादा माहिती हम हमारे ट्वीटर हेंड्ल @JoinBlueArmy और फेसबुक ग्रुप Blue Army मे देते रहेगे उन से जुडे रहे.

- हम किसी भी पोलीटीकल पार्टी या ग्रुप से जुडे नही है , आंबेडकर को मानने वाले लोग एक होकर देश को एक प्रबुद्ध राष्ट्र बनाने मे और डॉ. आंबेडकर के विचारो को दुनीया के सामने रखने मे सहभागी बनेगे. हर कोइ पार्टी या ग्रुप का व्यक्ती हम से जुड सकता है हम किसी के साथ जुडेगे नही हम से जुडे मुद्दे उठाने मे सहयोग करेगे ये नीश्चीत है.

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ये सब करने के लीए आज फोलोवर्स बढाने के लीए क्या करना होगा ये कुछ बाते आप से शेअर करता हु.

* ट्वीटर एकाउंट को अच्छे से सेट कर के रखे, प्रोफाईल फोटो, बेनर फोटो , Bio ETC...

* ज्यादा लोगो को फोलो करे, जहा से भी हमे जानकारी मीलने की गुंजाईश है उन सब ट्वीटर एकाउंट को फोलो करे और आपस मे भी हम सब एक दुसरे को फोलो करते रहे. ट्वीटर पर एक हमारा हैशटेग भी है #WeTheBahujans इस पर ट्वीट कर के रखे और उस ट्वीट पर ये शब्द पर क्लीक करने से कुछ और हमारे लोगो द्वारा की हुई ट्वीट्स दीखेगी उन सब को उनके प्रोफाईल फोटो पर क्लीक कर के फोलो कर ले और उन्की ट्वीट्स लाईक करे और रीट्वीट (Share) भी करते रहे.

* असरकारक ट्वीट करे, शोर्ट एंड एफेक्टीव ट्वीट करनी होगी हमे, सामने वाले को समजने मे दिक्क्त हो ऐसी ट्वीट ना करे.

* करंट टोपीक पर ट्वीट करते रहे. देश मे कोइ भी घटना होगी वह 15-20 मीनट मे ट्वीटर ट्रेंड मे आजायेगी, कि गई ट्वीट को पढ कर पुरा मामला समज ले और अपने विचारो के साथ आप भी उसी ट्रेंड पर ट्वीट करे जिस से लोग आप के ट्वीट को पढकर आप को फोलो करते रहेगे.

* कुछ मुद्दो पर लिंक के साथ ट्वीट करे ताकी लोगो को ओथेंटीक लगे.

* एक दुसरे को मेंशन करते रहे, जीस ट्वीट मे किसी नेता या संगठन और कंपनी का नाम आता हो उस मे नाम की जगह उस पार्टी का ओफीशीयल ट्वीटर हेंड्ल मेंशन करे. जैसे की United Nations के बारे मे बात कर रहे है तो उस मे UN का ओफीशीयल ट्वीटर हेंडल है @UN उस को मेंशन करे इस से शब्दो की बचत भी होगी और ट्वीट भी असरकारक बनेगी. ओफीशीयल हेंडल ब्लु टीक वाला होता है जैसे की मैने मेरी एक पोस्ट मे बताया था.

* ब्लु टीक वाले ट्वीटर एकाउंट की ट्वीट पर जवाब देना.

पोस्ट थोडी लंबी हो चुकी है इस लीए अभी इतना ही.



ये हमारे हैशटेग पर की ट्वीट है आप भी करे इस प्रकार की ट्वीट और ये ट्वीट कीये लोगो को फोलो करे.



September 16, 2017

ट्वीटर किस चिड़िया का नाम है

By Vishal Sonara || 16 Sep 2017 

ट्वीटर का अभी बहोत महत्व बढ चुका है पर हमारे लोग ट्वीटर पर बहोत कम पाये जाते है और जो भी है वह संगठीत नही है. इस संगठन को मजबुत बनाने के लीए ये लेख मे लीख रहा हु. सभी लोगो से ये आग्रह है कि ज्यादा से ज्यादा लोगो को ये लींक भेजे और हमारे सभी लोगो से ट्वीटर एकाउंट ओपन करवाये. ट्वीटर थोडा सा नया लगेगा जो ट्वीटर पर नही है उन को पर एक बार जब सब कुछ सीख लेगे तो ये दीक्कत नही होगी.  यहा मे ट्वीटर को शुरु से ही समजाने का प्रयत्न करुगा जीस को नही आता वह ध्यान से ये सभी स्टेप को फोलो करे मै एंड्रोईड फोन से ही ट्वीटर को कैसे चालु करते है वह सीखाने का प्रयत्न करता हु.

नया एकाउंत बनाने के लीएः-

  • सबसे पहले अपने फोन से Play Store मे जाकर ट्वीटर एप्लीकेशन को डाउनलोड कर ले.
  • Create a new Account
  • उस के बाद नीचे दीखाई गई स्क्रीन खुलेगी उसमे अपना नाम लीख कर Next बटन पर क्लीक करना है
  • उस के बाद की स्क्रीन मे अपना फोन नंबर लीखना है
  • फोन नंबर लीखने के बाद नीचे दीखाई गई स्क्रीन दीखेगी उस मे आप के फोन पर आया हुआ ट्वीटर कोड डालना है वह 6 अंक का होगा. कोड डालने के बाद Next बटन को दबा दीजीये
  • ये हो जाने के बाद पासवर्ड डालने को कहा जायेगा, उस मे आप को जो याद रहे वह पासवर्ड डाल दे. और नेक्ष्ट कर दे
  • पासवर्ड डालने के बाद ईमेईल आईडी डालनी है
  • इस के बाद हमे युसरनेम बनाना है. ट्वीटर अपने आप भी युसरनेम सजेस्ट करेगा उस मे बदलाव करना है तो आप कर ले , अगर अवेलेबल होगा तो आप वह रख सकते है. ये हो जाने के बाद "Let's go!" के उपर क्लीक कर दे. 
  • ट्वीटर आप को पसंद के कुछ विषय पुछेगा उस मे आप अपने हिसाब से सीलेक्ट कर सकते है.  
  • ये हो जाने के बाद लोकेशन याने की आप अपने शहर का नाम वहा पर दे सकते है ता की आप के जान पहचान वाले लोग आप को पहचान सके. "Yes,Share location" अगर ये आप को नही हरना है तो आप  "Skip for now" भी कर सकते है
  • ये हो जाने के बाद आप की टाईम लाईन तैयार हो जायेगी. फैसबुक के जैसा हि है पर यहा पर शब्द लीमीट है तो 140 डीजीट मे ही लोगो की पोस्ट जो की यहा पर ट्वीट कहा जाता है वह दिखेगी.
इस प्रकार आप का ट्वीटर एकाउंट तैयार हो गया है. इस मे कोइ दीक्कत आती है तो आप मेरा कोंटेक्ट कर सकते है इस पोस्ट के नीचे मेरा फेसबुक लींक दीया गया है.

सेटींग प्रोफाईल ः-
ट्वी्टर पर नया प्रोफाईल बनाये लोगो को अपना प्रोफाईल ठीक से सेट करना होता है क्योंकी लोग उस से ही आप के विचार और आप को जान सकेगे.  एक डीस्प्ले फोटो और बेनर फोटो और बायो आप को एडीट प्रोफाईल मे जाकर सेट कर देना है. ये महत्वपुर्ण स्टेप है इसे जरुर कीजियेगा. नीचे मदद के लिये फोटो दीया हुआ है.
इस प्रकार फोटो सेट करने के बाद ने्क्ष्ट कर दे.
और अपने बारे मे जो जानकारे है वह आप अगली स्क्रीन मे दे सकते है.

उस के बाद आप का जन्मदीन लीखना है और नेक्ष्ट कर देना है.

उस के बाद की स्क्रीन मे लोकेशन मे आप अपने शहर का नाम दे सकते है.

ये आप का ट्वीटर एकाउंट रेडी हो चुका है.


प्रोटेक्टेड एकाउंट ः-

कुछ लोगो के एकाउंट मे इस प्रकार लोक का निशान देखा जाता है इसे हमे दुर करना है. क्यो की ये होने से जो आप को फोलो करेगा उस की आप को रीक्वेस्ट आयेगी और बाद मे ही वह आप की ट्वीट देख पायेगा. हमे ये नही होने देना है इस लीये इस लोक को हटाने के लीये इस प्रकार का सेटींग कर दे.



Settings And Privacy > Privacy and safety > Protect Your Tweets के सामने जो टीक हो वह नीचे दीखाई गई ईमेज के जैसे नीकाल दे. 


अब आप को ट्वीट करनी है. नीचे जो दीखाया गया है वह बटन आप को अपनी ट्वीटर की मेईन स्क्रीन मे मील जायेगा. उस पर क्लीक कर के आप ट्वीट कर सकते है. फोटो , विडीयो, टेक्ष्ट, लींक, सवाल जवाब ये सब आप पोस्ट कर पायेगे.
ये बटन दबा कर आप को अपनी प्रथम ट्वीट ये करनी है >>   #WeTheBahujans  fffffff

ये हमारा अपना हेशटेग है इस से हम हमारे लोगो तक आसानी से पहुंच पायेगे. ये ट्वीट हो जाने के बाद उस ट्वीट पर
  #WeTheBahujans    
पर क्लीक करने से आप को हमारी टीम के द्वारा कीये गये ट्वीट दीखेगे. वहा पर सब लोगो को आप को फोलो करना है. और आप को फोलो बेक भी मीलेगा.

इन सब मे से अगर आप को कोइ भी दीक्कत होती है तो आप मेरा कोंटेक्ट फैसबुक या ट्वीटर पर कर सकते है. इतना जल्दी से कर लो आगे जी जानकारी इसी प्रकार मीलती रहेगी.
जय भीम


















September 14, 2017

ટ્વીટર ની ગ્લોબલ દુનિયામાં સ્વાગત છે

By Vishal Sonara || 14 Sep 2017 


ટ્વીટર હાલ ના સમય પ્રમાણે ઘણુ મહત્વનુ માધ્યમ ગણવામા આવે છે. ટ્વીટર પર બહુજન (OBC SC ST & Minorities) લોકો ની મોટા પ્રમાણ મા ગેરહાજરી ને ધ્યાન મા લઈ ને એક મુહીમ ચલાવવામા આવેલી, પણ એમા ટ્વીટર ના અનુભવ ના અભાવે આપણા લોકો ને એ થોડુ અગવડતા ભર્યુ જણાતા લોકો ને ખરી સમજણ આપવાના આશય થી આ ઓનલાઈન સીરીજ ચાલુ કરવાનુ મન થયુ છે. ટ્વીટર આમ તો બહુ જુનુ થઈ ગયુ છે ઘણા મિત્રો ના ટ્વીટર એકાઉંટ પણ હતા પરંતુ ન ફાવવાના કારણે એ લોકો ટ્વીટર થી દુર હતા. પણ શરુઆત થી જ શીખવાડવુ એવો અમુક મિત્રો નો આગ્રહ હતો તો આપણે ABC થી જ ચાલુ કરીયે.
આમ તો ઘણા લોકો લેપટોપ , કમ્યુટર કે અન્ય મોબાઈલ ફોન થી પણ વાપરતા હોય છે પણ મહત્તમ લોકો એંડ્રોઈડ ફોન વાપરતા હોય આપણે એને જ ધ્યાન મા રાખી ને ચાલીયે.

આજ ના આ આર્ટીકલ મા ટ્વીટર એકાઉંટ કેમ બનાવવુ તથા પ્રોફાઈલ ને સેટ અપ કેમ કરવી એ શીખીએ.

નવુ એકાઉંટ બનાવવા માટે નીચે પ્રામાણે ના સ્ટેપ ફોલો કરો  ઃ-

  • સૌ પ્રથમ તો Play Store મા જઈ ને ટ્વીટર ની એપ્લીકેશન ડાઉનલોડ કરવી. 
  • Create a new Account
  • ત્યાર બાદ નીચે પ્રમાણે ની સ્ક્રીન આવશે. એમા તમારુ નામ લખી ને Next બટન પર ક્લીક કરો
  • પછી ની સ્ક્રીન મા ફોન નંબર લખી ને Next બટન પર ક્લીક કરવુ
  • ફોન નંબર નાખીયે એટલે નીચે પ્રમાણે ની સ્ક્રીન આવશે.  એમા જે ફોન નંબર ઉપરના સ્ટેપ મા નાખ્યો એના પર ૬ અંક નો એક કોડ આવશે એ નાખવાનો. અને Next
  • પછી ની સ્ક્રીન મા પાસવર્ડ માટે કહેવામા આવશે. જેમા ૬ અક્ષરો નો પાસવર્ડ બનાવવાનો રહેશે. તમને યાદ રહે એ પ્રમાણે નો પાસવર્ડ સેટ કરી દેવો એમા અને નેક્ષ્ટ કરી દેવુ. 
  • ત્યાર બાદ ની સ્ક્રીન મા ઈમેઈલ એડ્રેસ નાખવુ.
  • ત્યાર પછી યુસર નેમ ની સ્ક્રીન આવશે. ત્યા સ્પેસ છોડ્યા વિના ના તમારા નામ અથવા એને રીલેટેડ બીજા કોઇ અક્ષરો લખી ને એ બનાવિ શકશો. ટ્વીટર વાળા એમની રીતે પણ યુસરનેમ આપી જ દે છે આ સ્ટેપ મા. તમને એ યુસરનેમ પસંદ ન હોય તો તમારી રીતે પણ અવેલેબલ હોય એ પ્રકારનું કોઇ યુસરનેમ રાખી શકો છો. આ યુસરનેમ ગમે ત્યારે બદલી શકાય એમ હોય છે.
  • ત્યારબાદ ની સ્ક્રીન મા નીચે દર્શાવ્યા પ્રમાણે નુ ટિકમાર્ક દુર કરી દેવુ અને પછી "Let's go!" પર ક્લીક કરવુ. 
  • હવે પછી ની સ્ક્રીન મા આપણ ને ગમતા વિષય પુછવામા આવતા હોય છે, એમા તમને ગમતા વિષય ને પસંદ કરી ને નેક્ષ્ટ આપી દેવુ. આ સ્ટેપ સ્કીપ પણ કરી શકાય છે. વિષયો સીલેક્ટ કરીયે એટલે એ વિષય રીલેટેડ અમુક એકાઉંટ ને એક સાથે ફોલો કરવાની સુવિધા મળે છે.
  • ત્યાર બાદ લોકેશન એટલે કે સ્થળ માટે ની સ્ક્રીન આવશે એમા તમે "Yes,Share location" એટલે કે તમારુ સ્થળ તમારી ટ્વીટ મા દર્શાવવાની પરમીશન આપી શકો છો અથવા "Skip for now" કરી શકો છો.
  • ત્યાર બાદ ટ્વીટર આપની ટાઈમલાઈન તૈયાર કરશે.
આમ તમારુ આઈડી આ પ્રમાણે ના સ્ટેપ કરવાથી તૈયાર થઈ જાય છે.

સેટીંગ પ્રોફાઈલ ઃ-
નવુ પ્રોફાઈલ તૈયાર કરેલા મિત્રો ના એકાઉંટ મા પ્રોફાઈલ ખાસ કાળજી રાખી ને સેટ કરવુ પડે. કારણ કે DP એટલે કે ડીસ્પ્લે પીક્ચર , બેનર ફોટો, Bio વગેરે મા કોરુ ધાકોર હશે. એને આકર્ષક રીતે સેટ કરવુ જરુરી છે. નીચેના ફોટો મા દેખાડ્યા પ્રમાણે ના પ્રથમ તીર મા જે દેખાડ્યુ છે એના પર ક્લીક કરતા જે સ્ક્રીન ખુલે એમા પ્રોફાઈલ પર ક્લીક કરવુ. ત્યાર બાદ સેટ અપ પ્રોફાઈલ. એમા ડીસ્પ્લે પીક્ચર (પ્રોફાઈલ ફોટો) અપલોડ કર્યા બાદ એ જ રીતે બેનર ફોટો પણ સેટ કરી દો.
બેનર ફોટો સેટ થઈ ગયા બાદ નેક્ષ્ટ આપી દેવુ. 

પછી ની સ્ક્રીન મા તમારા વિષે માહીતી લખવી. આ માહીતી તમારા પ્રોફાઈલ જોનાર વ્યક્તી ને દેખાશે. આ પ્રકાર નુ ફીચર ફેસબુક મા પણ હતુ તો એ બહુ અઘરી વાત નથી. ત્યા તમે તમારા વિશે કંઈ પણ લખી શકો છો. યાદ રહે એ તમારી સંક્ષીપ્ત ઓળખ છે. માટે એને ધ્યાન થી લખવુ.

ત્યાર બાદ નેક્ષ્ટ કરી જમ્નતારીખ સેટ કરી દેવી.

એના પછી ના સ્ટેપ મા લોકેશન એટલે કે સ્થળ ની માહીતી આવશે. ત્યા તમારા શહેર અથવા રાજ્ય નુ નામ સેટ કરી દેવુ. 


તમારુ ટ્વીટર એકાઉંટ રેડી છે. 


પ્રોટેક્ટેડ ટ્વીટર એકાઉંટ ઃ-

ઘણા મિત્રો ના ટ્વીટર એકાઉંટ પ્રોટેક્ટેડ એકાઉંટ જોવા મળે છે. એટલે કે એ લોકો ના પ્રોફાઈલ આગળ એક તાળા જેવુ નીશાન દેખાશે. આવા એકાઉંટ ની ટ્વીટ ટ્વીટર સર્ચ કે ટ્રેંડીગ ના લીસ્ટ મા નથી દેખાતી. આ ટ્વીટ એ એકાઉંટ ને ફોલો કરનાર વ્યક્તિઓ ને જ દેખાય છે.

ઉપર દેખાડ્યા પ્રમાણે કોઇ આવુ પ્રોટેક્ટેડ એકાઉંટ ફોલો કરે તો એ જે તે એકાઉંટ ધરવનાર વ્યક્તિ એપ્રુવ કરે તો જ એને એ ટ્વીટ દેખાય એવુ સેટીંગ હોય છે. માટે આ એકાઉંટ બહુ ખાસ વિચારધારા ના પ્રચાર પ્રસાર ને કામ મા આવી શકે નહી. 

તમારા પ્રોફાઈલ મા ચેક કરી લેવુ જો આ પ્રમાણે લોક ની નિશાની હોય તો એને નીચે જણાવ્યા મુજબ ઠીક કરી શકાશે. 
Settings And Privacy > Privacy and safety > Protect Your Tweets સામે જે ટીક હોય એને નીચે ફોટો મા દર્શાવ્યા મુજબ દુર કરી નાખો.

બસ આટલુ કરવાથી તમારુ ટ્વીટર એકાઉંટ બની ને તૈયાર છે. એમા તમારે પ્રથમ ટ્વીટ કરવાની છે. તમારી ટ્વીટર ની મુખ્ય સ્ક્રીન પર એક પિંછા જેવુ નીચે દેખાડ્યા મુજબ નુ બટન આવશે. એને ક્લીક કરવાથી એક મેસેજ ટાઈપ, કોપી-પેસ્ટ , ઈમેજ, લીંક વિડિયો વગેરે માટે ના ઓપ્શન અને લખાણ ની જગ્યા સાથે નુ બોક્ષ ખુલશે.

એ બોક્ષ મા ટ્વીટ લખ્યા કે કોપી પેસ્ટ કર્યા બાદ ટ્વીટ નુ બટન દબાવતા જે તે મેસેજ કે ફોટો વાળી પોસ્ટ ટ્વીટર પર આવી જશે. પ્રથમ ટ્વીટ માટે આ પ્રમાણે શબ્દ લખવો - ->   #WeTheBahujans  fffffff
જેનાથી ટ્વીટર પર એક જ ક્લીકે આપણા જુથ ના લોકો તમારા સુધી પહોંચી શકે તથા દરેક સાથી એક બીજા ને ટ્વીટર પર ફોલો કરી શકે. ટ્વીટર પર એક બીજા ના આઈડી ને ફોલો કરવા તથા લાઈક, કોમેન્ટ અને રીટ્વીટ કરતા રહેવાથી જ મેસેજ વધુ લોકો સુધી પહોંચે છે. પણ એ બધી વાતો આપણે આગળ ના ભાગ મા કરીશુ. 

આટલી પ્રોસેસ મા જો કોઇ ને તકલીફ જણાય તો મારો સંપર્ક કરી શકે છે. 















July 19, 2017

कांशीराम की कीताब ”चमचा युग” के आईने से

By Social Media Desk


दलित सिख परिवार में 15 मार्च को जन्मे मान्यवर कांशीराम ने भारत के बहुजन समाज को जो नेयमते बक्शी है वह काबिले गौर है, पूणे में सरकारी सेवा में रहते हुए उन्होने महसूस किया कि दलित बहुजन बिखरा हुआ और शोषित है, इसलिए पहले-पहल उन्होने कर्मचारियों का संगठन खड़ा कर पूरे भारत में बामसेफ के रूप में स्थापित किया। उन्हे यकीन था कि बहुजन समाज का नौकरी पेशा वाला तबका अपने समाज को जागृत कर सकता है। उन्होने महसूस किया की बाबा साहेब की विचार धारा महाराष्ट्र तक सीमित है। उन्हे केवल बुध्द के साथ फोटो रखकर पूजा जाने के लिए प्रयोग किया जाता है। उनके बौध्दिक आन्दोलन पर कुछेक लोगो ने कब्जा कर रखा है। मान्यवर कांशीराम ने बामसेफ कर्मचारी संगठन के माध्यम से बाबा साहेब के संदेश को जन-जन तक पहुचाने की मुहीम चलाई। खासकर ओबीसी समाज के बीच आम्बेडकर को लाने का श्रेय कांशीराम को ही जाता है। गौरतलब है कि ये मुहीम तब रंग लाई जब उन्होने महाराष्ट्र के अलावा मध्यप्रदेश, बंगाल, उत्तर प्रदेश में काम शुरू किया। जो आगे चल कर राजनैतिक दल बहुजन समाज पार्टी के रूप में परिणित हुआ।

 सन 1982 में उनकी कालजयी किताब ”चमचा युग” (An Era of the Stooges) प्रकाशित हुई। यह किताब आम्बेडकर के अभ्युदय से लेकर पूना पैक्ट, शोषित समाज के नकली नेतृत्व से होती हुई स्थायी समाधान तक पहुचती है। कुल जमा चार भागो में विभक्त यह किताब मात्र 127 पृष्ठों की है। गौरतलब है कि कांशीराम ने बहुजन समाज पार्टी का औपचारिक गठन 1984 में किया।

मूलतः अंग्रेजी में लिखी गई इस किताब का सरल सहज हिन्दी में अनुवाद रामगोपाल आजाद ने किया है। जो महात्मा जोतिराव फुले जी को समर्पित की गई है।

कांशीराम इस पुस्तक के उद्देश्‍य के बारे में लिखते है कि ”इस पुस्तक को लिखने का उद्देश्‍य दलित शोषित समाज को और उसके कार्यकर्ताओं एवं नेताओं को दलित शोषित समाज में व्यापक स्तर पर विद्यमान पिट्ठू तत्वो के बारे में शिक्षित, जागृत और सावधान करना है। इस पुस्तक को जनसाधारण को और विशेषकर कार्यकर्ताओ को सच्चे एवं नकली नेतृत्व के बीच अन्तर को पहचानने की समझ पैदा करने की दृष्टि से भी लिखा गया है। उन्हे यह समझना भी आवश्‍यक है कि वे किस प्रकार के युग में रह रहे है और कार्य कर रहे है- यह पुस्तक इस उद्देश्‍य की पूर्ति भी करती है।”

ज्ञातव्य है कि मान्यवर कांशीराम ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरूआत छत्तीसगढ़ से की यहां उनके कार्यकर्ता उनके लिए अपनी जान छिड़कते थे। जांजगीर लोकसभा चुनाव के दौरान वे स्वयं एक हाथ में नीला रंग, दूसरे हाथ में कूची(ब्रस) लेकर गलियों में बसपा के नारे लिखते थे। वे कार्यकर्ताओं के बीच हमेशा एक मिशनरी कार्यकर्ता के रूप में ही रहे। आज ऐसे नेता दुलर्भ है। यहां बसपा भले ही अपनी अंतिम सांसे गिन रही है लेकिन पुराने कार्यकर्ता उन्हे आज भी याद करते है। वे बतलाते है कि नये कार्यकार्ता को उनकी किताब चमचा युग पढ़ने के लिए दी जाती एवं केडर केम्प में शामिल किया जाता था।

काशीराम अपनी किताब चमचा युग में उद़त करते है कि किस प्रकार प्रसिध्द डा. अम्बेडकर को उनके बिरादरी के अनजाने प्रत्याषी ने हरा दिया। वे कहते है कि डा.अम्बेडकर को इसकी आशंका पूना पैक्ट के दौरान ही थी इसलिए उन्होने पृथक निर्वाचक मण्डल की वकालत की। डा आंबेडकर का यह कथन ध्यान देने योग्य है-


”संयुक्त निर्वाचक मण्डल और सुरक्षित सीटों की प्रणाली के अन्तर्गत स्थिति और भी बदतर हो जायेगी, जो एतत्पष्चात पूना-पैक्ट की शर्तो के अनुसार लागू होगी। यह कोरी कल्पना मात्र नही है। पिछले चुनाव ने 1946 निर्णायक रूप से यह सिध्द कर दिया है कि अनुसूचित जातियों के संयुक्त निर्वाचक मण्डल से पूर्ण रूपेण मताधिकारच्युत किया जा सकता है।”
- डा. अम्बेडकरपृ.85 चमचा युग
यानि बाबा साहेब ये मानते थे कि वर्तमान मतदान प्रणाली दलित बहुजन को अपने सच्चे प्रतिनीधि चुनने के काम नही आयेगी। हिन्दू जिन आरक्षित सीटों में दलित बहुजन को खड़ा करेगे वे दलितों के नही वरन हिन्दूओं के चमचे (हितैषी) होगे।

मान्यवर कांशीराम पुस्तक के प्रारंभ में चमचा/पिटठु की परिभाषा बतलाते है-
 ”चमचा एक देशी शब्द है जो ऐसे व्यक्ति के लिए प्रयुक्त किया जाता है जो अपने आप क्रियाशील नही हो पाता है बल्कि उसे सक्रिय करने के लिए किसी अन्य व्यक्ति की आवश्‍यकता पड़ती है। वह अन्य व्यक्ति चमचे को सदैव अपने व्यक्ति उपयोग और हित में अथवा अपनी जाति की भलाई में इस्तेमाल करता है जो स्वयं चमचे की जाति के लिए हमेशा नुकसानदेह होता है।” पृष्ठ-80 चमचा युग

इस प्रकार कांशीराम मुख्य रूप से चमचों/ मौका परस्तों को छःभागो में बांटते है-

1.         जाति या समुदायवार चमचे

o       अनुसूचित जाति -(अनिच्छुक चमचे)- इन्होने संघर्ष करके उज्जवल युग में प्रवेश करने का प्रयास किया लेकिन गांधी और कांग्रेस ने अनिच्छुक चमचा बना दिया।

o       अनुसूचित जनजाति-(नवदीक्षित चमचे)- इन्हे दलितों के संघर्ष के कारण पहचान एवं अधिकार मिल गया लेकिन ये अपने उत्पीड़क को अपना हितैषी समझते है।

o       अन्य पिछड़ा वर्ग-(महत्वकांक्षी चमचे)-ये अब महसूस करते है कि वे दलितों से भी पीछे हो गये है इसलिए इन्हे महत्वकांक्षा बहुत है। इसी कारण बहुजन आंदोलन से जुड़ रहे है।

o       अल्पसंख्यक-(मजबूर चमचे)- इसाई, मुसलमान, सिक्ख, बौध्द ये मजबूर चमचे है क्योकि ये शासक जातियों के रहमों करम पर है।

2.         पार्टीवार चमचे-ये चमचे अपने आपको दलीय अनुशासन में जकड़े होने का हवाला देकर समाज विरोधी कार्य करते है।

3.         अबोध या अज्ञानी चमचे– ये वो चमचे है जो अपने शोषको को ही अपना उध्दारक मानते है।

4.         ज्ञानी चमचे या अम्बेडकर वादी चमचे– ये वो लोग है जो बड़ी- बड़ी बाते करते है अम्बेडकर को पढ़ते और कोड भी करते है लेकिन आचरण उसके विपरीत करते है। कांशीराम इन चम्मचों से सबसे ज्यादा आहत थे।

5.         चमचों के चम्मच– ये राजनैतिक चम्मच अपनी जाति या समुदाय में पैठ दिखाने के लिए अपने चमचे बनाते है। जो शासक जातियों की पूरी सेवा करने के लिए तत्पर रहते है। शिक्षित-नौकरी पेशा वाले लोग अपने फायदे के लिए इन चम्मचों की चमचागिरी करते है।

6.         चमचे विदेशों में – विदेश में रहने वाल अछूत जिन्हे लगता है कि भारत में चमचों की कमी है तो वे भारत आकर शासक जाति की चमचागीरी चालू करते है और अपने आपको आम्बेडकर समझने लगते है। जैसे ही दलित बहुजन आंदोलन गति पकड़ेगा वे पुनः खुले रूप में बाहर आ जायेगे।

उनकी यह किताब किसी भी दलित बहुजन को परिस्कृत करने के लिए काफी है। आज हम जान सकते है कि किस प्रकार चमचों के कारण बसपा कमजोर हो गई। बहुजन आन्दोलन गद्दारों का आन्दोलन न बन पाये इसलिए भविष्य को ध्यान में रखकर उन्होने आगाह करने के लिए यह किताब लिखीं । यह किताब आम्बेडकर आन्दोलन को एक कदम आगे ले जाने के लिए प्रेरित करती । वे अम्बेडकर के शब्दो को मंत्रो की तरह रटने के लिए नही बल्कि उसका अंगीकार करने के लिए जोर देते। इस किताब में घटनाओं एवं तथ्यों का विशलेषण तथा व्याख्या महत्वपूर्ण।

कांशीराम को सभी जानते होगे, लेकिन समझ वही सकते है जिन्होने उनकी किताब चमचा युग पढ़ी होगी। आज भी उनकी किताब प्रासंगीक है ओर हमेशी रहेगी। बहुजन आंदोलन के लोग इस किताब को बाईबल की तरह सम्मान देते है।

( उपरोक्त लेख वाट्सप से प्राप्त है, लेखक का नाम पता नही है.)
Created By Vishal Sonara

हमारे एक पाठक वाणीया विपुल के द्वारा एक टीप्पणी ः
कांशीराम साहेब अपनी पुस्तक चमचा युग में चमचो की विभिन्न किस्मों के बारे में लिखते है| वर्तमान समय में अलग-अलग चमचो और उनकी चाटुकारिता को देखा जा सकता है| कांशीराम साहेब के शब्दों में|
अनिच्छुक चमचे- अनुसूचित जातियाँ
नवदीक्षित चमचे- अनुसूचित जनजातियाँ
महत्वाकांक्षी चमचे- अन्य पिछड़ी जतियाँ
मजबूर चमचे- अल्पसंख्यक
पार्टीवार चमचे- राजनैतिक पार्टियों ने अनुशासन के नाम पर पैदा किये हुए चमचे
अबोध और अज्ञानी चमचे- डॉ. अम्बेडकर के संघर्ष से अनभिज्ञ चमचे
ज्ञानी अम्बेडकरवादी चमचे- अम्बेडकरवाद को समझकर भी उल्टा आचरण करने वाले
चमचो के चमचे- नौकरी याफ्ता लोगों में उत्पन्न ऐसे चालाक लोग जो राजनैतिक चमचों की चमचागिरी में जुटे है|
(स्रोत :- चमचा युग पुस्तक से)